कविगण

नीचे हिन्दी के कुछ प्रमुख कवियों के नाम दिए गये हैं। मेरी कुछ पसंदीदा कविताएं भी यहां संकलित हैं। मौका मिले तो इसका आनंद उठाइए।

मेरे प्रिय कवि एवं उनकी रचनाएं

अमीर खुसरो

रचनाएं:

काहे को ब्याहे बिदेस
खुसरो के मुकरियां
छाप-तिलक तज दीन्हीं रे तोसे नैना मिला के

काका हाथरसी

रचनाएं:

चंद्रयात्रा और नेता का धंधा
हास्याष्टक

कैफ़ी आज़मी

रचनाएं:

तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो

कैलाश वाजपेयी

रचनाएं:

गजानन माधव मुक्तिबोध

रचनाएं:

ऐ इन्सानों

ब्रह्मराक्षस

गोरख पाण्डेय

रचनाएं:

एलान
उनका डर
सपना
हे भले आदमीयों

जयशंकर प्रसाद

रचनाएं:

प्रयाणगीत
बीती विभावरी जाग री
भारत महिमा

तुलसीदास

रचनाएं:

श्री रामचँद्र कृपालु भजु मन
हनुमान चालीसा

धर्मवीर भारती

रचनाएं:

आदिम भय
कनुप्रिया – आम्र-बौर का गीत
टूटा पहिया

धूमिल

रचनाएं:

नगरकथा

नागार्जुन

रचनाएं:

सत्य
शासन की बंदूक
हमने तो रगड़ा है
कालिदास
तीनों बन्दर बापू के

फ़िराक़ गोरखपुरी

रचनाएं:

शाम-ए-ग़म कुछ उस निगाह-ए-नाज़ की बातें करो

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

रचनाएं:

रक़ीब से

बशीर बद्र

रचनाएं:

न जी भर के देखा न कुछ बात की
सोचा नहीं अछा बुरा देखा सुना कुछ भी नहीं
भीगी हुई आँखों का ये मन्ज़र न मिलेगा
ऐ हुस्न-ए-बेपरवाह तुझे शबनम कहूँ शोला कहूँ

बिहारी

रचनाएं:

भारतेंदु हरिश्चंद्र

रचनाएं:

पद

मातृभाषा प्रेम पर दोहे

मलिक मोहम्मद जायसी

रचनाएं:

पद्मावत_जोगी-खंड

पद्मावत_स्तुति-खंड

महादेवी वर्मा

रचनाएं:

तू धूल-भरा ही आया

महावीर प्रसाद द्विवेदी

रचनाएं:

माखनलाल चतुर्वेदी

रचनाएं:

लड्डू ले लो

मीर तक़ी ‘मीर’

रचनाएं:

इब्तिदा-ऐ-इश्क है रोता है क्या

हस्ती अपनी होबाब की सी है

मीराबाई

रचनाएं:

फागुन के दिन चार होली खेल मना रे

मैथिलीशरण गुप्त

रचनाएं:

नर हो न निराश करो मन को

रसखान

रचनाएं:

या लकुटी अरु कामरिया

रसखान के दोहे

रहीम

रचनाएं:

रहीम के दोहे

रामधारी सिंह “दिनकर”

रचनाएं:

शक्ति और क्षमा

राम प्रसाद बिस्मिल

रचनाएं:

सर फ़रोशी की तमन्ना

हे मातृभूम

रामनरेश त्रिपाठी

रचनाएं:

तिल्ली सिंह

रैदास

रचनाएं:

परचै राम रमै जै कोइ
भाई रे रांम कहाँ हैं मोहि बताव

विद्यापति

रचनाएं:

गोसांऊंनी गीत
बटगमनी
बारहमासा
भगबती गीत
भूइयां के गीत
सरसिज बिनु सर सर
सैसव जौवन दुहु मिल गेल

शकील बँदायूनी

रचनाएं:

ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया
ग़मे-आशिक़ी से कह दो
ज़मीं पे फ़स्ल-ए-गुल आई फ़लक पर माहताब आया
ये ऐश-ओ-तरब के मतवाले बेकार की बातें करते हैं

शहरयार

रचनाएं:

कटेगा देखिए दिन जाने किस अज़ाब के साथ

शैलेन्द्र

रचनाएं:

तू ज़िन्दा है तू ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर
वहाँ कौन है तेरा, मुसाफ़िर, जाएगा कहाँ
हर ज़ोर-जुल्म की टक्कर में

सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला”

रचनाएं:

कुकुरमुत्ता
प्रियतम

सुमित्रानंदन पंत

रचनाएं:

सुभद्राकुमारी चौहान

रचनाएं:

झांसी की रानी

हरिवंशराय बच्चन

रचनाएं:

त्रिलोचन

रचनाएं:

मंगलेश डबराल

रचनाएं:

वसंत

यहां उपलब्ध अधिकांश कविताएं साभार : http://hi.literature.wikia.com

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